हरियाणा की हिमानी व शर्मिला बनीं गुरुग्राम की पहली महिला ड्रोन पायलट, अब बनेगी लखपति, जानें कैसे

Sahab Ram
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नई तकनीक और ड्रोन की मदद से जिले में खेती की तस्वीर बदलने लगी है। नई तकनीक से घंटों लगने वाला काम अब मिनटों में हो रहा है। अब दो महिलाएं इस काम में जिले के लोगों की मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत हिमानी और शर्मिला गुरुग्राम की पहली महिला ड्रोन पायलट बन गई हैं।

पटौदी ब्लॉक के गांव ऊंचा माजरा की शर्मिला और फर्रुखनगर ब्लॉक के गांव जारऊ की हिमानी को इफको द्वारा बिलासपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में ड्रोन पायलट के रूप में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है।

दोनों महिलाओं को मैदान में परिवहन के लिए ड्रोन के साथ एक संशोधित ऑटो भी दिया गया। जिसमें जेनसेट समेत ड्रोन से जुड़े विभिन्न उपकरण आसानी से स्थापित किए जा सकेंगे।

100 रुपये प्रति एकड़
उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी की यह योजना स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में भी प्रभावी भूमिका निभा रही है।

किसान को प्रत्येक एकड़ पर 100 रुपये का भुगतान किया जाएगा। शर्मिला और हिमांशी को 2000 हजार एकड़ जमीन का लक्ष्य दिया गया है. जिसमें उन्होंने लगभग 300 एकड़ क्षेत्र का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव कर डेमो दिया गया
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नमो ड्रोन दीदी योजना से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार।

जिले की 157 पंचायतों में 10 हजार से अधिक किसानों के बीच ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव कर डेमो दिया गया है.

 

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