धर्म परिवर्तन कराने पर होगी दोगुनी सजा, भाजपा सरकार ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली :- देश में हर दिन धर्म परिवर्तन कराने के कई मामले (Many cases of religious conversion) आते रहते हैं। गैरकानूनी तरीके से धर्म बदलकर और अपनी पहचान छिपाकर किसी से शादी करने के बढ़ते मामलों को देखते हुए सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान कई राज्यों में लागू कर दिया गया है। इसी कड़ी में अब उत्तराखंड राज्य भी जुड़ गया है।

25 अहम फैसलों पर धामी कैबिनेट की मुहर

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 25 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। जिसमें धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाने का फैसला किया गया। इसके तहत सरकार धर्म परिवर्तन कानून में सख्त प्रावधान करने जा रही है। जिसके बाद नए कानून में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती होगा और 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। राज्य में बढ़ते धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों पर रोक के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।

इन राज्यों में सामने आईं कई घटनाएं

उत्तराखंड सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को इस तरह के मामलों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें धर्म परिवर्तन नहीं करने पर लड़कियों की हत्या कर दी गई या फिर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया।

क्या कहता है कानून (conversion law india)

अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कर और पहचान छुपाकर शादी करने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इक कानून के मुताबिक, अगर आप अपना धर्म बदलना चाहते हैं तो आपको दो महीने पहले नोटिस देना होगा। इसके तहत शादी से पहले धर्म परिवर्तन के लिए 2 महीने पहले नोटिस देना होगा। अल्पसंख्यक समुदाय के लिए इस कानून का उल्लंघन करने वालों को 2 से 10 साल जेल की सजा हो सकती है। इसके जरिए जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाई गई है।

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