हरियाणा में अब घर बनाने के लिए आनलाइन करना होगा रजिस्ट्रशन, HSPCB की सख्ती

हिसार :- हरियाणा में धूल कण से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा स्टेट पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) स्पेशल ड्राइव चला रहा है। धूल प्रदूषण को कम व नियंत्रित करने के लिए प्रदेश में एचएसपीसीबी के डस्ट पाल्यूशन कंट्रोल सेल्फ एसेसमेंट पोर्टल शुरु किया है। पहले चरण में एनसीआर के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के सभी जिलों में 500 वर्गमीटर या इससे अधिक वर्ग मीटर के प्लाट पर जो भी निर्माण कार्य हो रहे है।

आनलाइन करना होगा सेल्फ असेसमेंट

उन प्रोजेक्ट के मालिकों को पोर्टल पर जाकर सेल्फ डिक्लेरेशन रजिस्ट्रेशन करते हुए खुद का सेल्फ असेसमेंट करना होगा। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगा। वायु प्रदूषण को कम करने के संबंध में यह जानकारी एचएसपीसीबी के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों दी। उन्होंने अफसरों को दाे टूक शब्दों में कहा कि प्रदूषण को कम करने की दिशा में कार्य किया जाए। इस मामले में लापरवाही या सुस्त कार्यप्रणाली सहन नहीं की जाएगी। हिसार के ब्लू-बर्ड टूरिस्ट कांप्लेक्स में आयोजित बैठक में प्रदेश के पीसीबी के क्षेत्रीय व जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।

सीएंडडी वेस्ट से प्रदूषण को कम करने की दिशा में उठाया यह कदम

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में है। प्रदूषण के कारण कई स्थानों पर हवा जीवन जीने लायक नहीं है। स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। ऐसे में प्रदेश सरकार वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में अहम कम उठा रही है। उसी कड़ी में कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट पर नियंत्रित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिसार में आयोजित मीटिंग में हरियाणा स्टेट पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने अफसरों प्रदूषण कम करने व उस पर नियंत्रण के संबंध में दिशा निर्देश दिए।

चेयरमैन ने अफसरों को ये दिए दिशा निर्देश

मुख्यालय व क्षेत्रीय कार्यालय के अफसरों व कर्मचारियों में आपसी सामंजस्य दुरूस्त करें।
टाइम लाइन में कार्य को निपटाए।
बिना ट्रीटमेंट के नालों का पानी नहरों में जाने से रोका जाए। इस पर विशेष तौर पर अधिकारी संज्ञान लें।
एसटीपी पर विशेष फोक्स करें। ताकि एसटीपी से बिना ट्रीट पानी बाहर न भेजा जाए।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करें।

अधिकारी के अनुसार

500 वर्गमीटर वाले प्लाटों पर चल रहे कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण करवाना होगा। ताकि विभाग के पास कंट्रक्शन का डाटा मौजूद रहे। डस्ट से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा गंदे पानी को ट्रीट करवाने के संबंध में भी अफसरों का विशेष फोकस रहेगा।

शक्ति सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी, हिसार मंडल।

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