अब किसानों की पराली बनेगी सोना, इस रेट पर खरीद कर सकती है मनोहर सरकार

चंडीगढ़ :- प्रत्येक वर्ष किसान फसलों को लेने के बाद खेतो मे बची हुई पराली को जला देते है. जिस वजह से प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं और लोगो को आँखों मे जलन तथा सांस लेने से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसलिए हरियाणा सरकार ने पराली जलाने से संबंधित समस्याओं को समाप्त करने के लिए किसानो से उनकी पराली खरीदने का निर्णय लिया है.

MSP पर पराली खरीदेगी हरियाणा सरकार

बता दे कि प्रदेश मे लगभग 60 लाख टन पराली निकलती है जिसमे से 15 लाख टन पराली का प्रयोग किया जा रहा है. हरियाणा सरकार ने पराली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है. यह कमेटी अपनी सिफारिशो के साथ अगले 2-3 महीनो मे Report प्रस्तुत कर देगी. जिसके बाद कमेटी द्वारा दी गई सिफारिशो व सुझावों को अगले सीजन तक लागू कर दिया जाएगा.

सिफारिशों के साथ Report प्रस्तुत करेंगी कमेटी

हरियाणा के कृषि महानिदेशक इस कमेटी के चेयरमैन रहेंगे. वही इस कमेटी मे डॉ. जगमहेंद्र, डॉ. बलदेव डोगरा, नवीन एवं अक्षय ऊर्जा विभाग के महानिदेशक और वरिष्ठ नागरिक डॉ मुकेश जैन आदि मुख्य सदस्य रहेंगे. इस कमेटी के द्वारा जो भी सिफारिशें निर्धारित की जाएंगी यह कमेटी एक Report तैयार करके सरकार के सामने पेश करेगी, और उसके बाद यह सिफारिशें लागू की जाएंगी.

किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जा रहा प्रेरित

Monday को CM मनोहरलाल ने दावा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से पिछले वर्षों की अपेक्षा अबकी बार पराली जलाने से संबंधित मामलो मे 25% तक की कमी आयी है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि सरकार पराली न जलाने से संबंधित मामलो मे लोगो मे जागरूकता फैलाने मे कामयाब रही है. वही उन्होंने बताया कि हरियाणा मे अबतक 1925 मामले और पंजाब के 13,873 मामले पराली जलाने के संबंध मे आ चुके है.

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