पंच-सरपंचों का चुनाव अलग कराने का दिखा विपरीत असर, मतदान प्रतिशत घटा

चंडीगढ़ :- हरियाणा में पंचायत चुनाव के पहले चरण में जिला परिषद और ब्लाक समितियों के 6148 प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गई है। पंच-सरपंचों से अलग मतदान के चलते मतदाताओं ने इस बार जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव में कम उत्साह दिखाया। करीब 70.7 प्रतिशत लोगाें ने मतदान किया जो वर्ष 2016 में हुए मतदान के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत कम है। पिछली बार संबंधित जिलों में 86.66 प्रतिशत मतदान हुआ था।

यह पहली बार है जब प्रदेश में तीन चरणों में पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। उसमें भी जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव अलग होंगे और पंच-सरपंचों के अलग। इसके चलते जिला परिषद और पंचायत समितियों के सदस्य के लिए मतदान में गिरावट की आशंका पहले से थी।

भिवानी, झज्जर, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पंचकूला, पानीपत और यमुनानगर में जिला परिषद और ब्लाक समिति सदस्य के चुनाव के बाद अब दो नवंबर को पंच-सरपंचों के लिए मतदान कराया जाएगा। इन जिलाें में परिषद और ब्लाक समितियों में मतदान के बावजूद विजेताओं की घोषणा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। 27 नवंबर को पूरे प्रदेश में एक साथ विजेताओं की घोषणा की जाएगी, जबकि पंच-सरपंच के विजेता चुनाव के दिन ही घोषित किए जाते रहेंगे।

रविवार सुबह सात बजे 6019 मतदान केंद्रों पर शुरू हुए मतदान में ग्रामीणों ने खासा उत्साह दिखाया। पंचकूला के ग्रामीण मतदान में सबसे आगे रहे जहां 77.9 प्रतिशत मतदान हुआ। झज्जर में सबसे कम 66.9 प्रतिशत मतदान हुआ है।

पहले चरण के नौ जिलों में पंचायत समितियों की 1222 सीटों के लिए 4,894 और जिला परिषदों की 175 सीटों के लिए 1,254 प्रत्याशी मैदान में हैं। शाम को छह बजे मतदान की समय सीमा खत्म होने के बावजूद पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लाइनें लगी रहीं। इस कारण कई स्थानों पर करीब सात बजे तक मतदान हुआ।

मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर कई बार तनाव की स्थिति जरूर पैदा हुई और कई जगह पर गलत तरीके से वोट डालने के शिकायत भी सामने आईं, जिन पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा तुरंत कार्रवाई की गई।

कुछ जगहों पर ईवीएम में खराबी आई थी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारियों ने तत्काल उस मशीन को बदला और मतदान शुरू करवाया। राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि सभी ईवीएम को स्ट्रांगरूम में रखा गया है। उन्होंने पहले चरण के पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होने पर मतदान में लगे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की सराहना की।

सुबह मतदान रहा धीमा, दोपहर को पकड़ी रफ्तार

सुबह मतदान रहा धीमा। दोपहर होते-होते लोग घरों से निकले जिसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ ली। पहले चरण में कुल 49 लाख 67 हजार 92 मतदाता हैं। रात 8.30 बजे तक 35 लाख 11 हजार 74 मतदाताओं ने मतदान किया, जो कुल मतदान का 70.6 प्रतिशत है। कुछ मतदान केंद्रों पर रात में भी मतदाता वोट डालने के लिए कतार में थे। पहले चरण में 6019 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें 1328 मतदान केंद्र संवेदनशील श्रेणी में थे, जबकि 1693 मतदान केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रहे।

पिछली बार से ऐसे घटा मतदान प्रतिशत

जिला -वर्ष 2016 में मतदान प्रतिशत – 2022 में मतदान प्रतिशत

भिवानी -85.5 प्रतिशत -70.1 प्रतिशत

झज्जर -83.6 प्रतिशत -66.6 प्रतिशत

जींद -86.8 प्रतिशत -69.1 प्रतिशत

कैथल -87 प्रतिशत -68.8 प्रतिशत

महेंद्रगढ़ -87.3 प्रतिशत -70.7 प्रतिशत

नूंह -84.4 प्रतिशत -72.2 प्रतिशत

पंचकूला -90.3 प्रतिशत -77.9 प्रतिशत

पानीपत -85.7 प्रतिशत -72.9 प्रतिशत

यमुनानगर -89.4 प्रतिशत -76.2 प्रतिशत

Leave a Comment

Your email address will not be published.