हरियाणा में सामान्य पटाखों की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध, केवल जला पाएंगे ऐसे पटाखे

चंडीगढ़ :- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि इस बार दीवाली ग्रीन पटाखों (Green Crackers) की होगी. सामान्य पटाखे इस दिवाली बिल्कुल प्रतिबंधित रहेंगे. सामान्य पटाखें पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है, इसलिए हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए है कि सामान्य पटाखों पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए.

बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार के निर्देश पर प्रत्येक जिले में ग्रीन पटाखों के लिए स्थान तय किये गए है सिर्फ इन्हीं जगहों पर ग्रीन पटाखों की बिक्री होगी. इस स्थानों से जुड़ी जानकारी ज्यादा से ज्यादा फैलाई जा रही है. बिना License के पटाखें बेचने वालों पर कार्रवाई होगी. हर जिले में पटाखे बेचने के लिए ऐसे स्थान चुने गए हैं जो खुले हो. उन्होंने कहा कि त्योहारी रौनक के साथ-साथ हमें Environment की तरफ भी ध्यान देना होगा.

पराली न जलाने के लिए किसानों को किया जा रहा है जागरूक

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन व वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरियाणा सरकार बेहद गंभीर है. फसल अवशेष प्रबंधन पर राज्य सरकार ढांचागत रणनीति के साथ काम कर रही है, जिसमें इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन, एक्स- सीटू प्रबंधन, प्रभावी निगरानी, प्रवर्तन, आईईसी गतिविधियां सम्मिलित है. विभिन्न मशीनों और डिक्मपोसर के माध्यम से 23 लाख मीट्रिक टन और एक्स-सीटू मैनेजमेंट के तहत 13 लाख मीट्रिक टन पराली का प्रबंधन किया जाएगा. इस कारण से पराली जलाने की घटनाओं में भी कमी देखी गई है. पराली न जलाने के बारे में किसानों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जा रहा है.

फसल अवशेष प्रबंधन में सरकार कर रही सकारात्मक कार्य

पराली प्रबंधन के लिए पिछले 4 सालों में किसानों को CHC के माध्यम से और व्यक्तिगत रूप से 72,777 मशीनरी प्रदान की गई है. इस वर्ष 7146 मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं जिसमें बेलिंग यूनिट, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल इत्यादि मशीन है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इन सीटू Management के अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ बेलिंग के लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है और इसके साथ ही बेलर्स के Transport के लिए 500 रुपये प्रति एकड़ अधिकतम 15 हजार रुपए तक गौशालाओं को प्रदान किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन में हरियाणा सरकार लगातार Positive परिवर्तन कर रही है.

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