पढ़ाई और खेल में पिछड़े छात्र होंगे स्कूल से बाहर, फैसले पर सरकार ने लगाई मुहर

सोनीपत :- जो छात्र पढ़ाई और खेल में पिछड़ हुए है उन्हें अब मोती लाल नेहरू खेलकूद स्कूल, राई सोनीपत से बाहर किया जाएगा. इनके स्थान पर स्कूल से बाहर वाले आउट स्टेंडिंग Performance करने वाले खिलाड़ियों को स्कूल में Admission दिया जाएगा. इस बारे में स्कूल के निदेशक मंडल ने जो फैसला लिया है उस पर हरियाणा सरकार ने भी मुहर लगा दी है. नए Session 2023-24 से यह व्यवस्था मान्य होगी. आठवीं कक्षा के बाद खिलाड़ियों का मूल्यांकन शुरू होगा तथा एक दो चेतावनी नोटिस के बाद उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा.

स्कूल की स्थापना के बाद पहली बार लिया गया यह निर्णय

यह निर्णय स्कूल स्थापना के 51 साल बाद पहली बार लिया गया है. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार परीक्षा के Basis पर स्कूल में चौथी कक्षा में दाखिला होता है. इसके बाद कक्षा 12वीं के बाद ही विद्यार्थी स्कूल से बाहर निकलता है. स्कूल Management ने अपने मूल्यांकन में पाया है कि एक बार दाखिला पाने के बाद विद्यार्थी खुद को स्थायी समझ लेता है. इस कारण बहुत से विद्यार्थी न तो खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तथा न ही पढ़ाई में. ऐसे में अब निश्चित किया गया है कि जो विद्यार्थी खेल व पढ़ाई दोनों में से एक में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं करेगा उसको बाहर कर दिया जाएगा.

आठवीं से दसवीं कक्षा तक उसका मूल्यांकन किया जाएगा. राई स्कूल हरियाणा का इकलौता खेल स्कूल है. स्कूल में लगभग 850 विद्यार्थी पढ़ने के साथ-साथ खेलों में भी Active है. स्कूल में प्रत्येक वर्ष चौथी कक्षा में 100 सीटों के लिए आवेदन मांगे जाते हैं. Written Test के बाद इसमें दाखिला होता है. इस स्कूल की स्थापना साल 1971 में हुई थी.

OSP के आधार पर होगा एडमिशन

निदेशक मंडल ने यह निर्णय भी लिया है कि स्कूल में 200 खिलाड़ियों को आउट स्टेंडिंग प्रफोरमेंस के अनुसार दाखिला दिया जाएगा. ये वो खिलाड़ी होंगे जो राई स्कूल के छात्र नहीं हैं, किंतु वह लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर स्कूली खिलाड़ियों को दाखिला दिया जाएगा.

लड़कियों की ड्रेस भी अब होगी पेंट-शर्ट

विद्यार्थियों व उनके परिवार के सदस्यों से सलाह करने के बाद स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की यूनिफॉर्म में बदलाव किया गया है. पहले आठवीं से कक्षा 12वीं तक लड़कियों को सलवार सूट पहनना पड़ता था. खिलाड़ी होने के चलते ऐसे में लड़कियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था. लड़कियों की मांग के अनुसार अब उनके लिए पेंट-शर्ट को अनुमति दे दी गई है. अब लड़के और लड़कियों की ड्रेस कोड एक समान होगी.न

नए शिक्षा सत्र से होगा मूल्यांकन शुरू

नए शिक्षा सत्र से विद्यार्थियों का मूल्यांकन शुरू होगा तथा जिनका प्रदर्शन खराब होगा, उनको बाहर किया जाएगा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाहर के खिलाड़ियों को स्कूल में दाखिला दिया जाएगा. इससे खिलाड़ी व विद्यार्थी और अधिक जिम्मेदार बनेंगे.

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